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नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना की तिथि :
नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना की तिथि
29 सितंबर, प्रतिपदा - बैठकी या नवरात्रि का पहला दिन- घट/ कलश स्थापना - शैलपुत्री
30 सितंबर, द्वितीया - नवरात्रि 2 दिन तृतीय- ब्रह्मचारिणी पूजा
1 अक्टूबर, तृतीया - नवरात्रि का तीसरा दिन- चंद्रघंटा पूजा
2 अक्टूबर, चतुर्थी - नवरात्रि का चौथा दिन- कुष्मांडा पूजा
3 अक्टूबर, पंचमी - नवरात्रि का 5वां दिन- सरस्वती पूजा, स्कंदमाता पूजा
4 अक्टूबर, षष्ठी - नवरात्रि का छठा दिन- कात्यायनी पूजा
5 अक्टूबर, सप्तमी - नवरात्रि का सातवां दिन- कालरात्रि, सरस्वती पूजा
6 अक्टूबर, अष्टमी - नवरात्रि का आठवां दिन-महागौरी, दुर्गा अष्टमी ,नवमी पूजन
7 अक्टूबर, नवमी - नवरात्रि का नौवां दिन- नवमी हवन, नवरात्रि पारण
8 अक्टूबर, दशमी - दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी
।। जय माता दी ।।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त :
सुबह 6 बजकर 12 मिनट से 7 बजकर 40 मिनट तक। करीब 1 घंटा 27 मिनट का शुभ मुहूर्त है।
प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ: 28 सितंबर को रात 11 बजकर 56 मिनट से
प्रतिपदा तिथि समाप्त: 29 सिंतबर शाम 8 बजकर 14 मिनट तक।
कलश स्थापना के लिए सामान :
मिट्टी का कलश और ढकन के लिए ढक्कन, जौ, साफ मिट्टी, रक्षा सूत्र, लौंग इलाइची, रोली और कपूर, आम के पत्ते, पान के पत्ते, साबुत सुपारी, अक्षत, नारियल, फूल, फल, ढक्कन में भरने के लिए चावल या फिर गेंहू।
मां के श्रृंगार का सामान :
माता के श्रृंगार का सामान बेहद जरूरी है। इसमें आप लाल चुनरी के साथ लाल चूड़ियां, सिंदूर, कुमकुम, मेहंदी, आलता और बिंदी, शीशा, कंघी भी शामिल करें।
।। जय माता दी ।।
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